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शुक्रवार, 12 अगस्त 2011

तेरे प्यार में ए कविता - प्यार ही प्यार (1969)

मैं कहीं कवि न बन जाऊँ

हसरत जयपुरी के शब्द, स्वर मुहम्मद रफी का, संगीत शंकर जयकिशन का

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