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शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2011

चन्दा सूरज लाखों तारे - वन्दे मातरम

दुनिया में कहीं भी दर्द से कोई भी

इश्क़ है जो सारे जहाँ को अमन भी दे

नुसरत फ़तेह अली खाँ, ए आर रहमान के संगीत में घिरे हुए

1 टिप्पणी:

Geetsangeet ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति. इसको हम फ्यूज़न कह सकते हैं.

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