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मंगलवार, 15 मई 2012

तेरा मेरा मेरा तेरा - शर्मा बन्धु

ऋषियों को मुनियों को ज्ञानियों को गुनियों को
इसने सदा नचाया, इससे कौन बच पाया

शर्मा बन्धुओं के रत्नों में से एक कर्णप्रिय भजन

पुरातन पोस्ट पत्रावली

2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति!

Vaanbhatt ने कहा…

शर्मा बंधुओं का भजन...सुनवाने के लिए शुक्रिया...

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