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शनिवार, 8 सितंबर 2012

ज़ुबीन गर्ग बोड़ोठाकुर - स्ट्रिंग्स

जिसने रचे धरती अम्बर यहाँ जिसने रचे पर्वत सागर यहाँ
 जिस ब्रह्म से मोक्ष है हम उसी में समायें
अजय झिंगरन का गीत "रामौ रामौ" ज़ूबिन गर्ग के स्वर और संगीत में
कलाकार: सन्ध्या मृदुल व अदम बेदी

पुरातन पोस्ट पत्रावली

4 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (09-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (09-09-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

सुशील ने कहा…

बहुत ही सुंदर प्रस्तुति बाबा नागार्जुन के गीत की !

Er. Shilpa Mehta : शिल्पा मेहता ने कहा…

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