समर्थक

बुधवार, 10 अप्रैल 2013

युगादि के शुभ अवसर पर मंगलकामनाएं!

कलियुग 5115, सप्तर्षि 5089, शक शालिवाहन 1935

युगादि, गुडी पडवो, उगादि, चैत्रादि, चेती-चाँद, वसंत नव-रात्रि, बोहाग बिहू, नव संवत्सर, नव वर्ष, विक्रमी सम्वत 2070 की हार्दिक शुभकामनायें!
प्रसिद्ध गीत "युग युगादि" के गीतकार "कर्नाटक कुल तिलक" से सम्मानित, "साहित्य अकादमी" और "ज्ञानपीठ" विजेता पद्मश्री दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे "अंबिकातनयदत्त" (31 January 1896 – 21 October 1981) कन्नड साहित्य के नवोदय काल के साहित्यकार हैं।

पुरातन पोस्ट पत्रावली

9 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
नवसम्वत्सर-२०७० की हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकार करें!

Chaitanyaa Sharma ने कहा…

शुभकामनायें आपको भी

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवारीय चर्चा मंच पर ।।

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

बढिया

Rajendra Kumar ने कहा…

आप सब को भी नवरात्र की हार्दिक मंगलकामनाये.
"ब्लॉग कलश"
भूली-बिसरी यादें
"स्वस्थ जीवन: Healthy life"
वेब मीडिया

Archana ने कहा…

इस बार मैसूर मे होने से पता चला ....युगादि
नवा वर्ष की शुभकामनाएँ ॥

Anita ने कहा…

आपको भी इन सब पर्वों पर शुभकामनायें..

पूरण खण्डेलवाल ने कहा…

नव संवत्सर की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें !!

तुषार राज रस्तोगी ने कहा…

लाजवाब |

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

ब्लॉग निर्देशिका - Blog Directory

हिन्दी ब्लॉग - Hindi Blog Aggregator

Indian Blogs in English अंग्रेज़ी ब्लॉग्स