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सोमवार, 23 अप्रैल 2012

रविवार, 18 दिसंबर 2011

चल दिए सू-ए-अदम - अदम गोंडवी

"अदम गोंडवी" को यह श्रद्धांजलि श्री सलिल वर्मा द्वारा उनके ब्लॉग चला बिहारी ब्लॉगर बनने पर दी गई है।

रामनाथ सिंह "अदम" गोंडवी
(22 अक्तूबर 1947 - 18 दिसंबर 2011)

घुटने तक मटमैली धोती, बिना प्रेस किया मुचड़ा कुर्ता-बंडी और गले में मफलर ... यह हुलिया कतई एक शायर का नहीं हो सकता। और अगर यह कहें कि यह हुलिया एक मुशायरे के रोज एक शायर का है तो आपको ताज्जुब होगा। ऐसे शख्स थे जनाब राम नाथ सिंह उर्फ अदम गोंडवी। मुशायरों में इनकी शायरी पर जितनी वाह-वाह होती रहे, उनके चहरे से कभी ऐसा नहीं लगा कि उन्होंने कोइ बड़ी बात कह दी हो। आज जब किसी शायर को, शेर के वज़न से ज़्यादा, खुद की एक्टिंग से शेर में असर पैदा करते देखता/सुनता हूँ, तो लगता है कि अदम साहब की सादगी ही उनका बयान थी। जो शख्स भूख पर शायरी करता हो, उसने भूखे रहकर वो दर्द महसूस किया है, जो उसके बयान में है।

हमारे समय के इस महान शायर को हार्दिक श्रद्धांजलि!

[ब्लॉग पर जाकर पोस्ट पढने और श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिये यहाँ क्लिक करें]

मंगलवार, 23 अगस्त 2011

डॉ.अमर कुमार को विनम्र श्रद्धांजलि

खबर फैली डॉ. अरविन्द मिश्र के फ़ेसबुक पृष्ठ से। यह तो पता था कि हिन्दी ब्लॉग जगत के जाने माने ब्लॉगर, माननीय डॉ अमर कुमार की गहन चिकित्सा चल रही थी लेकिन उनके अवसान पर किसी को विश्वास नहीं हुआ। धर्म, वाद, गुट, मेरा-उसका आदि की संकीर्णता से ऊपर उठकर अपनी विद्वता, देशप्रेम, सत्यनिष्ठा और बेबाकी के लिये पहचाने जाने वाले डॉ. कुमार का जाना एक अपूर्णनीय क्षति है। उनसे असहमत होने वाले भी उनकी निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा का लोहा मानते रहे हैं।

दिवंगत डॉ. साहब को विनम्र श्रद्धांजलि!
ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दे!

डॉ. अमर कुमार

परिचय: जन्म मिथिला में, बचपन वैशाली में, प्रारंभिक शिक्षा कोसी क्षेत्र से, माध्यमिक शिक्षा एवँ जीवन से मुठभेड़ का प्रारंभ बैसवारा (रायबरेली) से, चिकित्सा स्नातक कानपुर मेडिकल कॉलेज़। सँप्रति निज चिकित्सा व्यवसाय व शौकिया लेखन रायबरेली में ही!

अभिरुचि: अपने इर्द गिर्द के सभी जड-चेतन मुझे आकर्षित करते है। उनको निरखना समझने की कोशिश करना मेरा प्रिय शगल है। लालित्य से रिश्ता रखने वाले हर क्षेत्र में टाँग अड़ाना, अतार्किक परपँराओं को तोड़ना, हर प्रकार का पठन (भाषा का बँधन नहीं) आम मान्यताओं के अनुसार खिसकेला कोटि का ब्लॉगर ('चलने दीजिये... क्या कीजियेगा' जैसे लोगों के हिसाब से यदि गलत को गलत कहना गलत है, तो ...)

आत्मकथ्य: अपने को डिस्कवर करने की मशक्कत में हूँ, बड़ा दुरूह है अभी कुछ बताना। एक उनींदे शहर के चिकित्सक को आकाश का जितना टुकड़ा दिखता है, उसीके कुछ शेड तलब ही मौज़ूद होने का सबब है। साहित्य मेरा व्यसन है और संवेदनायें मेरी पूँजी!

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सम्बन्धित कडियाँ
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* डॉ.अमर कुमार ,जो अब अमर हो गए!
* अत्यंत दुखद समाचार --डॉ अमर कुमार नहीं रहे
* अंतर्ध्यान हुआ ब्लागजगत का दुलारा
* डॉ अमर कुमार के लिए प्रार्थना
* नहीं रहे अमर
* डॉ अमर कुमार ! एक बेहतरीन व्यक्तित्व
* डा.अमर कुमार को विनम्र श्रद्धांजलि
* ये शम्मह का सीना रखते हैं, रहते हैं मगर परवानों में
* एक श्रेष्ठ ब्लॉगर और व्यक्तित्व ,डॉ अमर कुमार
* नहीं, अमर नहीं मरते
* डॉक्टर अमर कुमार - एक श्रद्धांजलि!!
* तुम्ही सो गए दास्तां कहते कहते...
* डाक साहिब को विनम्र श्रद्धांजलि..!
* डॉ. अमर.....मेरी नज़र से
* डाक्टर अमर कुमार को श्रद्धांजलि!
* ताऊ की यादों में: डाक्टर अमर कुमार
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* सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है* कुछ तो है ... जो कि
* बस, सिर्फ़ दो मिनट
* वेबलॉग पर
* डा० अमर कुमार - ब्लॉगर प्रोफ़ाइल
* अंतिम टिप्पणी?

बुधवार, 8 जून 2011

पिया पिया न लागे मोरा जिया - फ़ागुन (1958)


आ जा चोरी चोरी, ये बइयाँ गोरी गोरी, तड़प उठी है तेरे प्यार को
आशा भोसले का जादू, ऐस. ऐच. बिहारी के शब्द, ओ. पी. नैयर का संगीत

पुरातन पोस्ट पत्रावली

गुरुवार, 5 मई 2011

भगवान् परशुराम की जय! अक्षय-तृतीया शुभ हो!

चित्र सौजन्य: अमर चित्र कथा 
जिस प्रकार हिमालय काटकर गंगा को भारत की ओर मोडने का श्रेय भागीरथ को जाता है उसी प्रकार पह्ले ब्रह्मकुन्ड से और फिर लौहकुन्ड पर हिमालय को काटकर ब्रह्मपुत्र जैसे उग्र महानद को भारत की ओर मोड्ने का श्रेय परशुराम जी को जाता है। यह भी कहा जाता है कि गंगा की सहयोगी नदी रामगंगा को वे अपने पिता जमदग्नि की आज्ञा से धरा पर लाये थे।

विश्व की पहली समर कला के प्रणेता, निरंकुश शासकों, अत्याचारी आतंकियों, और आसुरी शक्तियों के विरोधी भगवान् परशुराम के जन्म दिन यानी अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आज पढिये "बर्ग वार्ता" से एक आलेख "बुद्ध हैं क्योंकि परशुराम हैं"

[ब्लॉग पर जाकर सम्पूर्ण आलेख पढने के लिये यहाँ क्लिक करें]

ऋग्वेद में परशुराम के पितरों की अनेकों ऋचाएं हैं परन्तु १०.११० में राम जामदग्न्य के नाम से वे स्वयं महर्षि जमदग्नि के साथ हैं

पुरातन पोस्ट पत्रावली

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सम्बंधित कड़ियाँ
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* परशुराम स्तुति
भगवान परशुराम की जन्मस्थली
* जिनके हाथों ने पहाडों से गलाया दरिया ...
* क्या परशुराम क्षत्रिय विरोधी थे?
* परशुराम - विकीपीडिया
अक्षय तृतीया
परशुराम और राम-लक्ष्मण संवाद
* परशुराम का आह्वान

रविवार, 1 मई 2011

ओ जानेवाले हो सके तो - मुकेश - बन्दिनी - 1963

समझ नहीं पाता कि मर्मांतक पीडा इतनी मधुर कैसे हो सकती है

नूतन का अभिनय, शैलेन्द्र के शब्द, मुकेश का स्वर और सचिन देव बर्मन का संगीत

पुरातन पोस्ट पत्रावली

सोमवार, 18 अप्रैल 2011

हमसे मत उलझो तुम इस क्षण - रथवान

प्राख्यात कवि पण्डित नरेन्द्र शर्मा की तेजस्वी रचना श्रीमती लावण्या शाह के मधुर स्वर में पढिये, सुनिये या डाउनलोड कीजिये पिट ऑडिओ पर

श्रीमती लावण्या शाह
हम हरि के धन के रथ-वाहक,
तुम तस्कर, पर-धन के गाहक।
हम हैं, परमारथ-पथ-गामी
तुम रत स्वारथ में।
हमें तुम, रोको मत पथ में।

अनधिकार कर जतन थके तुम,
छाया भी पर छू न सके तुम!
सदा-स्वरूपा एक सदृश वह
पथ के इति-अथ में।
हमें तुम, रोको मत पथ में।



अनाचार का प्रखर विरोध सतत करते हुए भी शिष्टता कैसे बनाये रखी जा सकती है, इसका अनन्य उदाहरण है उपरोक्त रचना।

[ब्लॉग पर जाकर सम्पूर्ण रचना पढने, सुनने व डाउनलोड करने के लिये यहाँ क्लिक करें]

पुरातन पोस्ट पत्रावली

बुधवार, 6 अप्रैल 2011

Featured Hindi Blog Post - छंद-चर्चा

प्रतुल वशिष्ठ
श्री प्रतुल वशिष्ठ की यह ज्ञानवर्धक पोस्ट उनके ब्लॉग दर्शन प्राशन पर पढी जा सकती है।

किसी रचना के प्रत्येक पाद में मात्राओं अथवा वर्णों की नियत संख्या, क्रम-योजना एवं यति के विशेष विधान पर आधारित नियम को छंद कहते हैं ...
प्रतुल के अन्य ब्लॉग
भारत-भारती वैभवं
SANSKRIT JAGAT
निरामिष



[ब्लॉग पर जाकर पोस्ट पढने के लिये यहाँ क्लिक करें]

सोमवार, 28 मार्च 2011

Featured Hindi Blog Post - मुसहर, नट और फिलेंथ्रॉपी में निवेश

श्री ज्ञानदत्त पांडेय् की यह प्रेरक पोस्ट उनके ब्लॉग मानसिक हलचल पर पढी जा सकती है।


पाण्डेय जी के फेसबुक खाते से साभार
हममें से हर एक दान देता है। सब से आसान है रेलवे स्टेशन या हनुमान मन्दिर पर उपलब्ध भिखारी को दान देना। पर वह देते समय मन में यह भाव होता है कि एक आदमी को अकर्मण्य बनाने में हम योगदान कर रहे हैँ। अत: इन भिखारियों को अनदेखा करने की भावना भी मन में स्थाई रूप से आती गयी है। फिर भी इन भिखारियों की बड़ी संख्या को देखते हुये लगता है कि यह फिलेंथ्रॉपी (philanthropy - लोकोपकार) का तरीका बहुत लोकप्रिय है।


[ब्लॉग पर जाकर पोस्ट पढने के लिये यहाँ क्लिक करें]

बुधवार, 23 मार्च 2011

यारा दिलदारा मेरा दिल करता - आदमी और इंसान (1969)



मेरे प्रिय गीतों में से एक
महेन्द्र कपूर, बलबीर, जोगिन्दर की आवाज़ें

शुक्रवार, 11 मार्च 2011

Featured Post: अमेरिका की यह खाई चौड़ी नहीं है

श्री प्रबोध कुमार गोविल की यह पोस्ट उनके ब्लॉग पर पढी जा सकती है।

... कुछ लोग पथ प्रदर्शक के रूप में आगे अवश्य बढ़ें पर कोई सफलता तभी कारगर होगी जब उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के लिए सुलभ बनाने पर ध्यान दिया जायेगा।
अमेरिका की तारीफ का एक कारण यह भी बनता है कि यहाँ बहुत पिछड़े नहीं छोड़े जाते। देश के सबसे अमीर ...

[ब्लॉग पर जाकर पोस्ट पढने के लिये यहाँ क्लिक करें]

सोमवार, 28 फ़रवरी 2011

Best Hindi Blogs

Sorry, the list is too long for the mobile browser.
यहाँ सूचित ब्लॉग्स के नाम और शीर्षक आदि की पूरी ज़िम्मेदारी सम्बन्धित ब्लॉग के संचालनकर्ताओं की है। यह सूची मैंने व्यक्तिगत सन्दर्भ के लिये बनाई है। यदि आपका ब्लॉग इस सूची में नहीं है और आपको लगता है कि ऐसा भूलवश हुआ है और आपका ब्लॉग यहाँ न होने से जन-धन की अपार हानि होने का खतरा है और आप उसे यहाँ देखना चाहते हैं तो कृपया उसका नाम और यूआरएल टिप्पणी में लिख दीजिये। धन्यवाद! (Hindi Blog Aggregator)

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